Posts

Showing posts from September, 2006

सवाल उम्र भर के लिए

Image
हर दिन एक अलग पन्ना हर रात एक नया किस्सा इन्ही पन्नों में इन्ही किस्सों में उन दिनों जवान होती हमारी समझ से परे ऐसा भी एक भी हिस्सा जहाँ हर जवाब बस एक सवाल बन के रह गया जहाँ फलसफ़े की रोशनी में नहा के ज़िन्दगी अंधेरों से ज्यादा काली दिखने लगी और हर यकीन सिर्फ एक ख़याल बन के रह गया वो भी तो दोस्त था, वो भी था हमसफ़र तमाम और लोगों सा, वक़्त से जूझता उधेड़ता बुनता किताबों, इम्तहानों, कैंटीन, लाइब्रेरी और वक़्त बेवक़्त की मटरग़श्तियों में यहाँ-वहाँ शायद कुछ कम कहता मगर सबकी सुनता पर हमें क्या पता कि उम्मीदों के इस मंदिर में भी किन खयालों के दाँव-पेंच से वो मज़बूर हो गया दोस्ती और दुनियादारी के दायरों से आगे साथ रह के भी न जाने कब इतना दूर हो गया हम अपने सपनों को ज़िन्दगी समझते रहे और वो ज़िन्दगी को फ़िज़ूल का सपना हमारी जद्दोजहद थी सफ़र शुरू करने की और उसका जुनून बन गया सफ़र खत्म करना साथ बैठे, वक़्त गुजारा, तहे दिल से कोशिश की समझने और समझाने में कुछ और वक़्त बीत गया हमारे सब फलसफे हार गए आखिर एक दिन उसका जुनून जीत गया उस रोज आई आई टी में फिर से एक और सांस ज़िन्दगी के हाथों से फिसल गई एक बार फिर अपने जवाबों...