आईने
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ये खास उनके लिए जो इतिहास के गड़े मुर्दे उखाड़ने और बीते वक़्त के पन्नों में उलझे रहते हैं इस ग़लतफ़हमी में कि इतिहास का पन्ने आइनों की तरह होते हैं.
बड़ों से सुना है कि आईने कभी झूठ नहीं बोला करते हैं |
न कोई दोस्त न दुश्मन, सब अज़नबी हैं आईनों के लिये,
बन पाए आईने सा, हर एक इंसान की ये किस्मत में नहीं |
आईने जो कराते हैं लम्हों की हक़ीक़त से रू-ब-रू,
तारीख़ की क़ब्रों में झांकना उन की फ़ितरत में नहीं |
- राकेश

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